भारत में थिएटर बिजनेस किस प्रकार शुरू किया जा सकते हैं?

भारत में थिएटर बिजनेस किस प्रकार शुरू किया जा सकते हैं? (How to start movie theater business in hindi)

आज के समय में यदि देखा जाए तो भारतीय लोगों में सिनेमाघरों को लेकर दिलचस्पी बहुत अधिक बढ़ती जा रही है। और कुछ ना कुछ ऐसा बेहतरीन संदेश मूवी में होता है जिसके जरिए दर्शक प्रेरित होते हैं और अपने जीवन में फिल्मो द्वारा मिलने वाले संदेशों को अपनाते भी है। आज हम बात कर रहे हैं सिनेमा घर से जुड़ें व्यवसाय के बारे में।

किस प्रकार शुरू करें सिनेमा हॉल

सिनेमा हॉल के व्यवसाय के लिए आपको एक अच्छी खासी रकम की आवश्यकता होती है। सिनेमा हॉल खोलने के लिए आपको कई सारी फॉर्मेलिटीज भी पूरी करनी होती हैं जिसमें परमिशन लेना, रजिस्ट्रेशन कराना, अच्छी तरह जानकारी प्राप्त करना, लाइसेंस प्राप्त करना आदि। आइए जानते हैं सिनेमा हॉल का व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से…

पहला चरण:- अपने व्यवसाय की उचित योजना बनाएं

सुचारू रूप से काम करने से ही सफलता प्राप्त होती है। ऐसे में सुनियोजित ढांचा पहले से ही बनाया गया होगा तो काम करना और भी आसान हो जाता है और उसमें कम समय लगता है।

  • पूरी तरह से अपने व्यवसाय को सुचारू ढंग से चलाने में आपको कितना समय लग सकता है इस बात का अंदाजा भी आपको पहले से होना चाहिए। ताकि आप भविष्य में आने वाली सभी परिस्थितियों का सामना करने के लिए तत्पर रहें।
  • अब जब व्यवसाय शुरू करने की पूरी योजना बनाई जा चुकी है तो उसके लिए आपको एक उचित नाम भी सोच लेना चाहिए। जिस नाम से आप अपने थिएटर के व्यवसाय को आरंभ करने की सोच रहे हैं।
  • सभी तैयारियां होने के बाद आप अपने व्यवसाय से जुड़े एक व्यावसायिक खाते को गूगल पर रजिस्टर करना ना भूलें। इससे आपको अपने थिएटर व्यवसाय के विस्तार और प्रसार में बहुत सहायता मिलती है।

दूसरा चरण:- कानूनी कार्रवाई पर ध्यान दें

आप एक व्यवसाय की स्थापना लाभ प्राप्त करने की लालसा से ही करते हैं। ऐसे में किसी भी व्यवसाय को कानूनी रूप से पूरी तरह पुष्टिकृत कराना बेहद आवश्यक होता है. यदि बात करें थिएटर व्यवसाय की तो ऐसे में आपको अपने आरंभ किए गए थिएटर की सभी आवश्यक कानूनी कार्यवाही को पहले ही पूरा करा लेना चाहिए.

तीसरा चरण:- रजिस्ट्री कराये

आज का समय तो आप जानते ही हैं बिना कर भुगतान किए आप किसी भी प्रकार की चीज ना तो खरीद सकते हैं और ना ही बेच सकते हैं। ऐसे में यदि आप अपना सिनेमा का सपना पूरा करना चाहते हैं तो आपको सरकारी करो के अंतर्गत अपना रजिस्ट्रेशन पहले से ही करा लेना चाहिए। कर में रजिस्ट्रेशन कराए बिना आप किसी भी प्रकार का कोई व्यवसाय ना तो आरंभ कर सकते हैं और ना ही उसे चला सकते हैं।

चौथा चरण:- व्यापारिक बैंक अकाउंट खोलें

थिएटर का बिजनेस आरंभ करने के लिए आपको वित्तीय लेन-देन की आवश्यकता होती है जिसके लिए यदि आपके पास व्यापारिक बैंक अकाउंट हो तो आप उससे सुविधा पूर्वक अपने किसी भी प्रकार के लेन-देन को अंजाम दे सकते हैं। किसी भी व्यवसाय में पारदर्शिता के लिए व्यवसाय में होने वाले विभिन्न खर्चो आय के स्रोतों आदि का पूरा लेखा-जोखा रखना बहुत आवश्यक हो जाता है. ऐसे में आपके पास व्यापारिक बैंक अकाउंट होना लाभकारी होता है। यह खाता आपके सभी खर्चों व राशि के आवागमन का पूरा ब्यौरा रखता है और साथ ही इसमें वार्षिक कर के तौर पर पूरी प्रक्रिया आपको संक्षिप्त में दी जाती है।

पांचवा चरण:- व्यवसाय से जुड़ा परमिट और लाइसेंस प्राप्त करें

भारत में कुछ व्यवसाय ऐसे होते हैं जिनके लिए भारत सरकार द्वारा परमिशन और लाइसेंस दोनों की आवश्यकता होती है। कभी-कभी सरकार के द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के कारण आपके व्यवसाय को बंद भी कराया जा सकता है।

छठा चरण:- व्यवसाय इंश्योरेंस

भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या का आप आसानी से सामना करने में सक्षम तभी हो पाते हैं जब आप अपनी कीमती चीजों का या फिर अपने व्यवसाय का एक इंश्योरेंस जरूर कराएं। आपने अपना सिनेमा घर का बिजनेस बहुत बड़े पैमाने पर शुरू किया है और यदि उसका इंश्योरेंस नहीं कराया है तो ऐसे में आपको भविष्य में आने वाली अकस्मात परेशानियों के लिए तत्पर रहना होगा।

सातवा चरण:- अपने खाते के लेखांकन को देखें

एक व्यापारिक खाता बैंक में खोलने से ही आप सिर्फ नेट पैक नहीं हो सकते हैं अपने व्यापार से जुड़े सभी लेनदेनो का एक पर्सनल खाता भी आपको अपने पास जरूर बनाना चाहिए। उससे आप अपने द्वारा खर्च की गई राशि और प्राप्त की गई सभी प्रकार की राशि का एक उचित लेखा-जोखा रख सकते हैं जिससे आपको भविष्य में होने वाले किसी भी गड़बड़ या फिर भारी नुकसान का अंदाजा पहले से ही लग जाए।

आठवां चरण:- अपने ब्रांड को अधिक बेहतर बनाएँ

व्यवसाय में सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह होता है कि आप बाजार में रहते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों के बारे में जाने और उनकी कमियों को समझे। आपके प्रतिद्वंदी की कमी आपको कभी भी गलती करने से रोकेगी और आपको अधिक मजबूत परिस्थितियां प्रदान करने में सक्षम होगी।

नोवा चरण:- अपने व्यवसाय की वेबसाइट बनाएं

अपने व्यवसाय की एक आकर्षित वेबसाइट भी अवश्य बनाएं। आज का जमाना सोशल मीडिया का दौर है ऐसे में यदि आप सोशल मीडिया से दूर रह जाते हैं तो अपने व्यवसाय के प्रसार में आप भी पीछे रह जाएंगे। एक आकर्षित वेबसाइट आपको नए ग्राहकों के साथ आपके पुराने ग्राहकों को सदैव ही आपके साथ जोड़े रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। आप एक आकर्षित वेबसाइट अवश्य बनाएं और उसमें अपने व्यवसाय से जुड़े सभी ब्रांड उस पर प्रमोट करें।

थिएटर व्यवसाय को आंतरिक रूप से मजबूत करने के लिए कुछ जरूरी बातें

  • व्यवसाय से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त करें

सिनेमा हॉल का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी आपको पूरी तरह से सभी योजनाएं बनाने की और जानकारी इकट्ठा करने की आवश्यकता होती है। साथ ही व्यवसाय में अच्छे गुणों और कमियों को जानने की भी आवश्यकता होती है।

  • किस तरह की फिल्म आप थिएटर में दिखाना चाहेंगे?

इसके लिए आप अपने थिएटर के आसपास मौजूद दर्शकों का मत प्राप्त कर सकते हैं या फिर आज के समय का लेटेस्ट दौड़ जानने के लिए आप सर्च इंजन का सहारा भी ले सकते हैं।

  • व्यापार को बढ़ावा दे

आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ थिएटर इस तरह भरे रहते हैं जैसे वहां पर उन्हें फ्री में फिल्म दिखा रहे हो। परंतु कुछ हॉल इस तरह खाली होते हैं जैसे वहां पर कोई और मूवी लगी हुई है जो हमें बोर कर देगी। ऐसे में आप खुद असमंजस में होते हैं कि आप अपने व्यवसाय को किस तरह बढ़ावा दे सकते हैं कि ग्राहक आपके पास अधिक आए ना कि आप के प्रतिद्वंदी के पास जाएं। स्थानीय थियेटरों की तुलना में आप किस तरह की पेश कर दर्शकों को दे सकते हैं।

  • एक टीम कैसे और कब बनाएं?

यदि आप अपने पास एक ऐसी टीम रखेंगे जो आपके व्यवसाय को बढ़ाने में सहयोग प्रदान करती है तो आप अपने व्यवसाय को उचित रूप से चला पाएंगे और उसमें सफल भी हो पाएंगे। इस बात का ध्यान रखें कि आपकी टीम और प्रबंधक ऐसे होने चाहिए जो आपके साथ समर्पित होकर काम करें तभी वे अपने कर्तव्यों को पूरी तरह निभा पायेंगे और आपके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में आपकी सहायता कर पाएंगे। इन सभी बातों के लिए सबसे जरूरी है कि आपका आपकी टीम के साथ अच्छा तालमेल होना चाहिए।

कानूनी प्रमाण पत्र प्राप्त करना

कानूनी प्रमाण पत्र को देने से पहले सीओ आपके व्यवसाय से जुड़ी पूरी तरह से पुष्टि करने के लिए आपके थिएटर की बिल्डिंग, उस में चल रहे सभी मुख्य कामों के बारे में पूरी तरह से निरीक्षण करता है। निरीक्षण करने के बाद ही वह आपको व्यवसाय का प्रमाण पत्र देता है ताकि आप एक वैध रूप से उस व्यवसाय को चला सके।

स्टैंप की आवश्यकता:- सबसे पहले  आपको कॉपीराइट और लाइसेंस की आवश्यकता होती है। यदि आपके पास इस प्रकार के लाइसेंस नहीं है तो आप किसी भी प्रकार की मूवी अपने थिएटर में नहीं चला पाएंगे। इस लाइसेंस को समय-समय पर रिन्यू कराया जाता है जिसकी तिथि इस लाइसेंस पर पहले से ही दी हुई होती है।

  • सिनेमा घर पर स्वामित्व का पूरा विवरण मतलब जहां पर आप सिनेमाघर खोलना चाहते हैं उसके पूरे दस्तावेज आपके पास होने चाहिए।
  • आप उस सिनेमाघर में कैसी स्क्रीन पर किस प्रकार की मूवी प्रदर्शित करने वाले हैं उसका पूरा ब्यौरा भी आपको लाइसेंस प्राप्त करते समय देना होता है।
  • जिस जगह पर आप सिनेमाघर खोलना चाहते हैं वहां के कार्यकारी और पीडब्ल्यूडी से आपको उस बिल्डिंग का पूरा प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा कि वह बिल्डिंग कितनी हद तक सुरक्षित है और किसके अंतर्गत आती है।
  • सिनेमाघर में बहुत से दर्शक फिल्म देखने आते हैं ऐसे में वहां की स्वच्छता और स्वच्छता के बारे में जुड़े सभी कारकों के बारे में विस्तार रूप से पूरा ब्यौरा होना चाहिए और वहां के जन स्वास्थ्य विभाग या अधिकारी से आपको आपके सिनेमाघर के आसपास के सभी स्वच्छता के प्रमाण पत्र प्राप्त करने होंगे।

आप कोई भी ऐसी फिल्म अपने सिनेमा हॉल में प्रदर्शित नहीं करते हैं जो किसी की पसंद ना हो और सार्वजनिक दंगा फसाद करा सकती हो।

थिएटर व्यवसाय में पैसा किस तरह कमाया जाता है?

छोटे व्यवसाय में पैसा कमाने के लिए व्यावसायिक अपने सिनेमाघर में आकर्षित पिक्चर लगाता है। जिसे देखने के लिए कई दर्शक आते हैं और वे टिकट खरीदते हैं उन टिकट के बदले में मिलने वाला धन सिनेमाघर के मालिक द्वारा कमाया जाता है। इसके अलावा वे अपने सिनेमाघर में फूड कोड भी बनाते हैं जिसमें पॉपकॉर्न कैंडी या जलपान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। इसके बदले वे दर्शकों से अच्छा खासा पैसा कमाते हैं। इस तरह थिएटर व्यवसाय में थिएटर का स्वामित्व रखने वाला व्यक्ति धन की प्राप्ति करता है।

थिएटर व्यवसाय के लिए आवश्यक अनुभव एवं योग्यता

  • प्रदर्शन:- एक थिएटर के मालिक को हमेशा बेहतर प्रदर्शन के लिए तत्पर रहना चाहिए ताकि वह अपने व्यवसाय को उचित मुकाम दिला सके।
  • वित्तीय अवसर पहचाने:- कहते हैं एक बार व्यवसाय में धन लगा देने के बाद समय-समय पर यदि उसमें उचित धनराशि लगाई जाए तो उस व्यवसाय को सबसे ऊपर ले जाने से कोई नहीं रोक सकता है। किसी भी व्यवसाय को शुरू करने में धन तो लगता ही है परंतु समय-समय पर मौका देखकर यदि धन न लगाया जाए तो ऐसे में आप अपने व्यवसाय में और सफल हो सकते हैं। इसके लिए उसे व्यवसाय में अधिक वित्त लगाने से भी नहीं चूकना चाहिए।
  • योग्यता:- यदि आज का समय देखा जाए तो किसी भी व्यवसाय को करने के लिए एक स्नातक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती परंतु उससे जुड़े अनुभव की आवश्यकता अवश्य होती है। अपने व्यवसाय से जुड़ी सभी कानूनी, श्रम व अधिक मामलों से जुड़ी सभी जानकारी आपको विस्तार पूर्वक जान लेनी आवश्यक होती है।

थिएटर बिजनेस में लगने वाली अनुमानित राशि

ऐसे में थिएटर के खर्चों को देखते हुए उससे जुड़ी अनुमानित राशि का आंकलन किया जा सकता है। जिसमें श्रम लागत, परिवहन, स्थानीय कर, बीमा, नीतियां, व्यवसाय निगम, शुल्क ब्रांडिंग और प्रचार लागत व कुछ अतिरिक्त किराए वह कर सब को मिलाकर एक अनुमानित राशि का आंकलन किया जा सकता है। यदि इन सब बातों को ध्यान में रखा जाए तो थिएटर में होने वाले खर्च का अनुमान तो एक व्यापारी अपनी जेब के अनुसार ही लगा सकता है कि वह इस व्यवसाय पर अपनी कितनी वित्तीय राशि खर्च कर सकता है और अपने व्यवसाय को बेहतर बनाने के लिए वह कितना अधिक अपना योगदान दे सकता है।

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